जादूगरी के गुड गवर्नेंस से आम जनता को क्या लाभ मिल रहा है?

 इंडिया टुडे के सर्वे में राजस्थान को “गुड गवर्नेंस” अवार्ड मिलने पर गहलोत जी ने वीडियो में बहुत कम बोलकर अपनी पीठ थपथपा ली। उन्हें अपने गुड गवर्नेंस का थोड़ा विवरण भी देना चाहिए था!? उन्हें ये भी बताना चाहिए था कि इनके नेतृत्व में राजस्थान और भी बहुत सी श्रेणियों में अव्वल है!


राज्यों के दशा और दिशा बताने के लिए गुड गवर्नेंस के अलावा भी ओवरऑल, अर्थव्यवस्था, कृषि, कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे 12 पैरामीटर हैं, जिनमें राजस्थान का नाम कही नहीं आया है। जबकि आम जनजीवन के स्तर में सुधार के लिए इन घटकों का सर्वाधिक महत्व है।


स्वास्थ्य, कृषि और कानून-व्यवस्था में राजस्थान की स्थिति बद से बदतर है। किसानों से किए वादे पूरे करने से बचने को गहलोत सरकार ने कई हथकंडे अपनाए। वादों पर भरोसा कर वोट देनेवाले किसान आज आक्रोशित हैं। कोविड 19 के प्रकोप के दौरान प्रदेशवासियों को मिला अनुभव गहलोत जी के गुड गवर्नेंस की पोल खोलता है। राज्य सरकार की सुस्ती से महामारी विकराल हो चुकी थी और तब भी जीवनरक्षक दवाएं और उपकरण बर्बाद किए गए। वैक्सीन के उपयोग और वितरण में नई-नई अनियमितता सामने आई। सुविधाएं होते हुए भी गंभीर हालत के मरीजों को भटकाया गया।


इसी तरह राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नत करने की जिम्मेदारी अकेले केंद्र ने संभाल रखी है। कानून-व्यवस्था का हाल राज्य के बाहर के लोग भी जानते हैं, महिलाओं से अपराध के रोजाना नए मामले सामने आते हैं। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने के लिए एक विशेष और एकीकृत प्लान तक नहीं तैयार कर पाए हैं राज्य के लॉ एंड आर्डर के कर्ताधर्ता!


सरकार चारों खाने चित्त है। राज्य सरकार ने केंद्र के आह्वान के बावजूद स्थानीय आर्थिकी को मजबूत करने में अपेक्षित रूचि नहीं दिखाई। स्वरोजगार और स्टार्टअप्स को नहीं के बराबर प्रोत्साहन है। आमजन को जीवन स्तर से समझौता करना पड़ रहा है जिससे राज्य का अर्थतंत्र गिरावट झेल रहा है।


ओवरआल रैंकिंग में राजस्थान पिछले साल भी 14वें स्थान पर था और इस साल भी इसी क्रम पर है। राज्य का न श्रेष्ठ श्रेणी में नाम आया, न सुधार की श्रेणी में।


सभी यह पूछना चाहते हैं कि गहलोत जी के गुड गवर्नेंस की परिभाषा क्या है? कैसे समझें हम कि जादूगरी के गुड गवर्नेंस से आम जनता को क्या लाभ मिल रहा है? जमीन पर तो कहीं सुधार नहीं दिखता।


#Rajasthan 

Bjym Jhalawar


Comments

Popular posts from this blog

मिशन 2023 : विरोधियों को मात देने के लिए बीजेपी का युवा मोर्चा बना रहा है यह मेगा प्लान

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थानी भाषा को राजभाषा बनाने की मांग की

अघोषित बिजली कटौती के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा ने नारेबाजी कर किया सरकार का विरोध